thela tools.— Thela Labsरोज़मर्रा के काम, अब थोड़े आसान।View in English

इमेज कंप्रेसर

फ़ाइल छोटी, तस्वीर वैसी की वैसी।

  • मुफ़्त
  • आपके डिवाइस पर चलता है
  • निजी

सेटिंग

फ़ाइल चुनेंJPG, PNG या WebP · यहाँ छोड़ें या ब्राउज़ करें · हर फ़ाइल 50 MB तक, कुल 100 MB तक

कम क्वालिटी यानी छोटी फ़ाइल। ज़्यादातर तस्वीरों के लिए 80 ठीक रहता है।

थोड़ी मदद

  1. अपनी फ़ोटो चुनें। फ़ोन या कंप्यूटर से JPG, PNG या WebP चुनें, या फ़ाइल को बॉक्स पर खींचकर छोड़ दें। 50 MB तक की फ़ाइलें चलेंगी।
  2. क्वालिटी तय करें। 80 से शुरू करना अच्छा रहता है — ज़्यादातर लोगों को फ़र्क़ नज़र नहीं आएगा। अगर फ़ाइल बहुत छोटी चाहिए और तस्वीर छपनी नहीं है, तो 60 तक जा सकते हैं।
  3. आउटपुट फ़ॉर्मैट चुनें। सबसे छोटी फ़ाइल JPG देता है। अगर तस्वीर का बैकग्राउंड पारदर्शी है और वैसा ही रखना है, तो PNG या WebP चुनें।
  4. चलाएँ और डाउनलोड करें। पुराना और नया साइज़ आमने-सामने दिखेगा, और सहेजने से पहले नतीजे की झलक भी।

आपकी फ़ाइलें इसी डिवाइस पर रहती हैं। न अपलोड, न अकाउंट, न सर्वर का इंतज़ार।

बड़ी फ़ाइलें और भारी PDF पुराने फ़ोन पर थोड़ा समय ले सकती हैं।

मिलते-जुलते टूल

इस टूल के बारे में

फ़ोन के कैमरे से निकली फ़ोटो आमतौर पर तीन से आठ मेगाबाइट की होती है, और उसमें की गई ज़्यादातर बारीकी स्क्रीन पर दिखती ही नहीं। कंप्रेस करने का मतलब है वह हिस्सा हटा देना जो आँख वैसे भी नहीं पकड़ती और वह हिस्सा बचा लेना जो पकड़ती है — इसी तरह पाँच मेगाबाइट की फ़ोटो चार सौ किलोबाइट की हो जाती है और देखने में वैसी ही रहती है।

रोज़मर्रा में इसकी ज़रूरत दो जगह पड़ती है। पहली, साइज़ की सीमा वाले अपलोड फ़ॉर्म पर — आवेदन पोर्टल, नौकरी की साइटें और कॉलेज के फ़ॉर्म अक्सर फ़ोटो को कुछ सौ किलोबाइट तक सीमित रखते हैं। दूसरी, कमज़ोर मोबाइल डेटा पर तस्वीरें भेजते समय, जहाँ छोटी फ़ाइल का मतलब है भेजी गई फ़ाइल, अटकी हुई नहीं।

यहाँ सब कुछ आपके ब्राउज़र में चलता है। तस्वीर आपके डिवाइस की मेमोरी में पढ़ी जाती है, आपके ही प्रोसेसर से दोबारा एन्कोड होती है, और डाउनलोड के रूप में वापस मिल जाती है। कुछ भी अपलोड नहीं होता — न कोई क़तार, न कोई अकाउंट, और न ही आपकी तस्वीर की कोई कॉपी किसी और के सर्वर पर।

इस टूल का इस्तेमाल कैसे करें

  1. अपनी फ़ोटो चुनें। फ़ोन या कंप्यूटर से JPG, PNG या WebP चुनें, या फ़ाइल को बॉक्स पर खींचकर छोड़ दें। 50 MB तक की फ़ाइलें चलेंगी।
  2. क्वालिटी तय करें। 80 से शुरू करना अच्छा रहता है — ज़्यादातर लोगों को फ़र्क़ नज़र नहीं आएगा। अगर फ़ाइल बहुत छोटी चाहिए और तस्वीर छपनी नहीं है, तो 60 तक जा सकते हैं।
  3. आउटपुट फ़ॉर्मैट चुनें। सबसे छोटी फ़ाइल JPG देता है। अगर तस्वीर का बैकग्राउंड पारदर्शी है और वैसा ही रखना है, तो PNG या WebP चुनें।
  4. चलाएँ और डाउनलोड करें। पुराना और नया साइज़ आमने-सामने दिखेगा, और सहेजने से पहले नतीजे की झलक भी।

यह टूल क्या नहीं करता

  • यह तस्वीर की चौड़ाई-ऊँचाई नहीं बदलता — उसके लिए रिसाइज़र है।
  • यह ठीक-ठीक तय KB पर नहीं पहुँचा सकता। वह काम “KB में कंप्रेस करें” टूल करता है।
  • बहुत बड़ी इमेज पुराने फ़ोन पर धीमी पड़ सकती है, क्योंकि सारा काम आपके डिवाइस पर ही होता है।
  • कैमरा रॉ फ़ॉर्मैट जैसे CR2, NEF और DNG समर्थित नहीं हैं। पहले उन्हें JPG में बदलें।

आम सवाल

क्या मेरी फ़ोटो कहीं अपलोड होती है?

नहीं। कंप्रेशन आपके ब्राउज़र में, आपके ही डिवाइस के प्रोसेसर से होता है। फ़ाइल किसी सर्वर पर नहीं जाती — इसीलिए यह धीमे कनेक्शन पर भी चलता है और बाद में कहीं कुछ मिटाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

मेरी फ़ाइल छोटी होने के बजाय बड़ी क्यों हो गई?

ऐसा तब होता है जब पहले से कंप्रेस हुई JPG को PNG में बदला जाए, क्योंकि PNG हर पिक्सेल ज्यों का त्यों रखता है। नतीजा बड़ा होने पर टूल आपको बता देता है। आउटपुट फ़ॉर्मैट JPG करके दोबारा चलाएँ।

कौन सी क्वालिटी रखनी चाहिए?

किसी फ़ॉर्म पर अपलोड करने या WhatsApp पर भेजने के लिए 70 से 80 आमतौर पर मूल फ़ोटो जैसी ही लगती है। छपाई के लिए 90 या उससे ऊपर रखें। 50 से नीचे आसमान और चेहरे पर चकत्ते दिखने लगते हैं।

मुझे फ़ाइल तय KB से कम चाहिए।

उसके लिए “इमेज को KB में कंप्रेस करें” टूल इस्तेमाल करें। वह क्वालिटी के बजाय आपकी सीमा से उल्टा हिसाब लगाता है, यानी सीधे “100 KB से कम” माँग सकते हैं।

क्या इससे फ़ोटो की चौड़ाई-ऊँचाई घटेगी?

नहीं। यह टूल पिक्सेल माप जस की तस रखता है और सिर्फ़ यह बदलता है कि कितनी बारीकी सहेजी जाए। माप बदलनी हो तो इमेज रिसाइज़र इस्तेमाल करें।