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WhatsApp लिंक बनाएँ

तैयार संदेश के साथ सीधी चैट का लिंक।

  • मुफ़्त
  • आपके डिवाइस पर चलता है
  • निजी

सेटिंग

देश के कोड के बिना।

वैकल्पिक। भेजने से पहले सामने वाला इसे बदल सकता है।

थोड़ी मदद

  1. देश का कोड भरें। भारत के लिए 91, और यह वहीं से खुलता है। प्लस का निशान, स्पेस या कोष्ठक हटा दिए जाते हैं, इसलिए +91 चिपकाना भी चलता है।
  2. फ़ोन नंबर भरें। देश के कोड के बिना। भारतीय नंबर के लिए 6, 7, 8 या 9 से शुरू होने वाले दस अंक, आगे शून्य लगाए बिना।
  3. पहले से भरा जाने वाला संदेश लिखें। यह वैकल्पिक है, 1,000 अक्षर तक। ख़ाली छोड़ देंगे तो लिंक सिर्फ़ चैट खोलेगा।
  4. लिंक कॉपी करें। लिंक पेज पर कॉपी बटन के साथ दिखता है, और रखना हो तो whatsapp-link.txt नाम से डाउनलोड भी हो जाता है।

आपकी फ़ाइलें इसी डिवाइस पर रहती हैं। न अपलोड, न अकाउंट, न सर्वर का इंतज़ार।

बड़ी फ़ाइलें और भारी PDF पुराने फ़ोन पर थोड़ा समय ले सकती हैं।

मिलते-जुलते टूल

इस टूल के बारे में

wa.me लिंक किसी तय नंबर की WhatsApp चैट खोल देता है, वह भी बिना उस नंबर को सेव किए। दुकान के पेज पर लगे “हमसे बात करें” बटन के पीछे, काउंटर के पास चिपके QR कोड में और फ़्रीलांसर के बायो में यही छोटा सा इंतज़ाम काम कर रहा होता है। आप देश का कोड, नंबर और चाहें तो संदेश भरिए, लिंक तैयार मिल जाएगा।

पहले से भरे संदेश वाली बात ठीक से समझ लेनी चाहिए। वह भरा जाता है, भेजा नहीं जाता। लिंक दबाने वाला चैट में पहुँचता है जहाँ आपका लिखा टेक्स्ट पहले से बॉक्स में पड़ा होता है, और भेजने का बटन उसी के हाथ में रहता है। पहली झिझक वाली बात यहीं आसान हो जाती है — “नमस्ते, कोथरुड वाला दो-BHK अभी उपलब्ध है क्या” जैसा संदेश लिखना नहीं पड़ता, बस एक बटन दबाना पड़ता है।

भारतीय नंबरों पर एक ख़ास जाँच लगती है: दस अंक, शुरुआत 6, 7, 8 या 9 से, और 91 अपने अलग ख़ाने में। यह ज़रूरत से ज़्यादा सख़्त लगती है और वजह साफ़ है। ग़लत नंबर से भी लिंक बिल्कुल सामान्य दिखता है, और गड़बड़ तब पता चलती है जब कोई ग्राहक उसे दबाता है और कुछ नहीं होता। लिंक बनाने के लिए इंटरनेट की ज़रूरत बिल्कुल नहीं है; उसे खोलने के लिए है।

इस टूल का इस्तेमाल कैसे करें

  1. देश का कोड भरें। भारत के लिए 91, और यह वहीं से खुलता है। प्लस का निशान, स्पेस या कोष्ठक हटा दिए जाते हैं, इसलिए +91 चिपकाना भी चलता है।
  2. फ़ोन नंबर भरें। देश के कोड के बिना। भारतीय नंबर के लिए 6, 7, 8 या 9 से शुरू होने वाले दस अंक, आगे शून्य लगाए बिना।
  3. पहले से भरा जाने वाला संदेश लिखें। यह वैकल्पिक है, 1,000 अक्षर तक। ख़ाली छोड़ देंगे तो लिंक सिर्फ़ चैट खोलेगा।
  4. लिंक कॉपी करें। लिंक पेज पर कॉपी बटन के साथ दिखता है, और रखना हो तो whatsapp-link.txt नाम से डाउनलोड भी हो जाता है।

यह टूल क्या नहीं करता

  • यह संदेश भेज नहीं सकता। यह सिर्फ़ चैट खोलता है, संदेश भेजने के लिए तैयार रखकर।
  • यह नहीं जाँच सकता कि नंबर मौजूद है या उस पर WhatsApp है। यह लिंक खोलने पर ही पता चलता है।
  • एक बार में एक नंबर। न थोक सूची बनती है, न मेल-मर्ज।
  • क्लिक की कोई गिनती नहीं होती, क्योंकि बीच में कोई रीडायरेक्ट है ही नहीं — लिंक सीधे wa.me पर जाता है।
  • देश का कोड और नंबर मिलाकर ज़्यादा से ज़्यादा 15 अंक हो सकते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा है।

आम सवाल

लिंक खुलते ही क्या संदेश चला जाता है?

नहीं, और यही बात सबसे ज़्यादा ग़लत समझी जाती है। लिंक चैट खोलता है और आपका लिखा संदेश मैसेज बॉक्स में पहले से पड़ा मिलता है। जिसने लिंक दबाया वह उसे पढ़ता है, चाहे तो बदलता है, और भेजने का बटन ख़ुद दबाता है। उसकी तरफ़ से कुछ अपने आप नहीं भेजा जाता।

क्या नंबर पहले कॉन्टैक्ट में सेव होना चाहिए?

नहीं। लिंक का पूरा फ़ायदा ही यही है। यह उस नंबर से बातचीत खोल देता है जो आपके फ़ोन में कभी सेव ही नहीं हुआ, और इसीलिए यह दुकान की लिस्टिंग, पोस्टर या ईमेल सिग्नेचर के काम आता है।

मेरा भारतीय नंबर क्यों नहीं माना जा रहा?

उसमें ठीक दस अंक होने चाहिए और शुरुआत 6, 7, 8 या 9 से होनी चाहिए, और देश का कोड अपने अलग ख़ाने में रहना चाहिए। आगे लगा शून्य, दोबारा लिखा 91, या लैंडलाइन नंबर — ये सब जाँच में अटक जाएँगे। जाँच इसलिए है कि ग़लत नंबर से बना लिंक देखने में बिल्कुल ठीक लगता है और दबाने पर कुछ नहीं होता।

लिंक बनाते समय कुछ भेजा जाता है क्या?

नहीं। लिंक आपके भरे हुए हिस्सों से पेज में ही जुड़ता है, इसलिए मोबाइल डेटा बंद रखकर भी बनाया जा सकता है। तैयार लिंक खोलना अलग बात है — उसके लिए इंटरनेट भी चाहिए और WhatsApp भी।

क्या संदेश में लिंक या इमोजी डाल सकते हैं?

हाँ। टेक्स्ट URL-एन्कोड होता है, इसलिए लिंक, इमोजी, नई पंक्तियाँ और हिंदी सब सही-सलामत पहुँचते हैं। इससे लिंक लंबा हो जाता है, जो तब ध्यान रखने लायक़ है जब आप उसे बटन के पीछे रखने के बजाय छापने वाले हों।

इसका QR कोड बना सकते हैं?

लिंक कॉपी करके QR कोड वाले टूल में चिपका दीजिए। दुकान के काउंटर या डिलीवरी के डिब्बे पर यह आमतौर पर इसी रास्ते से पहुँचता है।